Gajanan Madhav Muktibodh
Muktibodh
( 1917 - 1964 )

Gajanan Madhav Muktibodh (Hindi: गजानन माधव मुक्तिबोध) was one of the most prominent Hindi poets, essayist, literary and political critic, and fiction writers of the 20th century. He also remained assistant-editor of journals like, Naya Khun and Vasudha etc. More

स्तब्ध हूँ विचित्र दृश्य फुसफुसे पहाड़ों-सी पुरुषों की आकृतियाँ भुसभुसे टीलों-सी नारी प्रकृतियाँ...

मेरे प्रति उन्मुख हो स्फूर्तियाँ कहती हैं - तुम क्या हो? पहचान न पायीं, सच!...

सागर तट पथरीला किसी अन्य ग्रह-तल के विलक्षण स्थानों को अपार्थिव आकृति-सा इस मिनिट, उस सेकेण्ड...

एक विजय और एक पराजय के बीच मेरी शुद्ध प्रकृति मेरा 'स्व' जगमगाता रहता है...

जीवन के प्रखर समर्थक-से जब प्रश्न चिन्ह बौखला उठे थे दुर्निवार, तब एक समंदर के भीतर रवि की उद्भासित छवियों का...

उनके आलोक-वलय में जग मैंने देखा — जन-जन के संघर्षों में विकसित परिणत होते नूतन मन का । वह अन्तस्तल . . . . . ....

ईमानदार संस्कार-मयी सन्तुलित नयी गहरी चेतना अभय होकर अपने वास्तविक मूलगामी निष्कर्षों तक पहुँची...

अपने समुंदरों के विभोर मस्ती के शब्दों में गम्भीर तब मेरा हिन्दुस्तान हँसा । जन-संघर्षों की राहों पर...

दुबली चम्पा जन संघर्षों में गदरायी, खण्डर-मकान में फूल खिले, तल में बिखरे...

कोई स्वर ऊँचा उठता हुआ बींधता चला गया । उस स्वर को चमचमाती-सी एक तेज़ नोक जिसने मेरे भीतर की चट्टानी ज़मीन अपनी विद्युत से यों खो दी, इतनी रन्ध्रिल कर दी कि अरे...