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मेरे उस ओर आग है, मेरे इस ओर आग है, मेरे भीतर आग है, मेरे बाहर आग है,...

धम-धमाधम, धम-धमाधम, धम-धमाधम लो आ गया एक और नया वर्ष ढोल बजाता, रक्त बहाता हिंसक भेड़ियों के साथ...

समा जाता है श्वास में श्वास शेष रहता है फिर कुछ नहीं...

बापू ! तुम मानव तो नहीं थे एक छलावा थे कर दिया था तुमने जादू...

कितनी सुन्दर थी वह नन्हीं-सी चिड़िया कितनी मादकता थी कण्ठ में उसके...

एक लंबी मेज दूसरी लंबी मेज तीसरी लंबी मेज दजीवारों से सटी पारदर्शी शीशेवाली अलमारियाँ...

त्रास देता है जो वह हँसता है त्रसित है जो वह रोता है...