Prabhu Lal Garg
Kaka Hathrasi
( 1906 - 1995 )

Kaka Hathrasi (Hindi: काका हाथरसी) was a noted Hindi satirist and humorist poet of India. His real name was Prabhu Lal Garg. He wrote under the pen name Kaka Hathrasi. More

सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा हम भेड़-बकरी इसके यह गड़ेरिया हमारा। सत्ता की खुमारी में, आज़ादी सो रही है हड़ताल क्यों है इसकी पड़ताल हो रही है...

मेरी भाव बाधा हरो, पूज्य बिहारीलाल दोहा बनकर सामने, दर्शन दो तत्काल। अँग्रेजी से प्यार है, हिंदी से परहेज, ऊपर से हैं इंडियन, भीतर से अँगरेज।...

देवी जी कहने लगीं, कर घूँघट की आड़ हमको दिखलाए नहीं, तुमने कभी पहाड़ तुमने कभी पहाड़, हाय तकदीर हमारी इससे तो अच्छा, मैं नर होती, तुम नारी...

बाबू सर्विस ढूँढते, थक गए करके खोज। अपढ श्रमिक को मिल रहे चालीस रुपये रोज़॥ चालीस रुपये रोज़, इल्म को कूट रहे हैं। ग्रेजुएट जी रेल और बस लूट रहे हैं॥...

'काका' वेटिंग रूम में फँसे देहरादून। नींद न आई रात भर, मच्छर चूसें खून॥ मच्छर चूसें खून, देह घायल कर डाली। हमें उड़ा ले ज़ाने की योजना बना ली॥...

स्वर्ग-नर्क के बीच की चटख गई दीवार। कौन कराए रिपेयर इस पर थी तकरार॥ इस पर थी तकरार, स्वर्गवासी थे सहमत। आधा-आधा खर्चा दो हो जाए मरम्मत॥...

रिंग रोड पर मिल गए नेता जी बलवीर। कुत्ता उनके साथ था पकड़ रखी ज़ंजीर॥ पकड़ रखी जंजीर अल्सेशियन था वह कुत्ता। नेता से दो गुना भौंकने का था बुत्ता॥...

झूठ बराबर तप नहीं, साँच बराबर पाप जाके हिरदे साँच है, बैठा-बैठा टाप बैठा-बैठा टाप, देख लो लाला झूठा 'सत्यमेव जयते' को दिखला रहा अँगूठा...

पाश्चात्य संतान है, अधिक आधुनिक ट्रेंड। प्रथम फ्रैंडशिप, बाद में, वाइफ या हस्बैंड॥ वाइफ या हस्बैंड, कहे बेटी से मम्मी। बॉयफ्रैंड के बिना लगे तू मुझे निकम्मी॥...

दस ग्रंथो से टीपकर पुस्तक की तैय्यार। उस पुस्तक पर मिल गया पुरस्कार सरकार॥ पुरस्कार सरकार लेखनी सरपट रपटे। सूझ-बूझ मौलिकता, भय से पास न फटके॥...