जन्म दिन फिर आ रहा है
जन्म दिन फिर आ रहा है! हूँ नहीं वह काल भूला, जब खुशी के साथ फूला सोचता था जन्मदिन उपहार नूतन ला रहा है! जन्म दिन फिर आ रहा है! वर्षदिन फिर शोक लाया, सोच दृग में नीर छाया, बढ़ रहा हूँ-भ्रम मुझे कटु काल खाता जा रहा है! जन्म दिन फिर आ रहा है! वर्षगाँठों पर मुदित मन, मैं पुनः पर अन्य कारण- दुखद जीवन का निकटतर अंत आता जा रहा है! जन्म दिन फिर आ रहा है!

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